मम्मी गलती ही क्या थी मेरी

मैं नन्ही सी जान उनको दादा समझ बैठी

कुछ न कहा बच्चो को खिलाने का सौदा समझ बैठी

लेकिन मन मे काफी गंदगी थी उनकी

टॉफी के बहाने मुझे छूने की मंशा थी उनकी

आखिर गलती ही क्या थी मेरी

साड़ी तो नहीं पहनी थी मैंने लेकिन कपड़े पूरे थे मेरे

उम्र ही क्या थी मेरी जो उनके छल को समझ पाती

मम्मी गलती ही क्या थी मेरी